शिवसेना के कैबिनेट मंत्री भारत गोगावले के बेटे विकास गोगावले ने आखिरकार पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार (23 जनवरी, 2026) को बॉम्बे हाईकोर्ट को इसकी जानकारी दी। यह आत्मसमर्पण ऐसे समय पर हुआ है, जब एक दिन पहले ही हाईकोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने अदालत को बताया कि रायगढ़ जिले के महाड पुलिस स्टेशन से प्राप्त लिखित सूचना के अनुसार, इस मामले में नामजद सभी आठ आरोपियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें विकास गोगावले और उनके चचेरे भाई महेश गोगावले भी शामिल हैं। महाधिवक्ता के अनुसार, सभी आरोपियों ने सुबह करीब 9:15 बजे महाड पुलिस स्टेशन पहुंचकर आत्मसमर्पण किया।
इससे पहले, बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी में देरी को लेकर राज्य सरकार के रवैये पर सवाल उठाए थे और कानून के समान रूप से लागू होने की आवश्यकता पर जोर दिया था। अदालत ने यह भी कहा था कि किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी राजनीतिक पद से जुड़ा हो या नहीं, कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
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मामले में विकास गोगावले का नाम सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया था कि राजनीतिक प्रभाव के चलते कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सरकार पर दबाव बढ़ा और इसके अगले ही दिन आत्मसमर्पण की सूचना सामने आई।
अब पुलिस द्वारा सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया कानून के अनुसार आगे बढ़ाई जाएगी। इस घटनाक्रम को महाराष्ट्र की राजनीति और कानून व्यवस्था से जुड़े एक अहम मामले के रूप में देखा जा रहा है।
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