राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) यानी एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि उनकी पार्टी का कांग्रेस में विलय हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की कोई भी बातचीत या प्रस्ताव न तो पार्टी की ओर से दिया गया है और न ही किसी अन्य दल से प्राप्त हुआ है।
सुप्रिया सुले ने कहा, “न तो हमारी पार्टी की तरफ से ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया है और न ही हमें किसी तरह का ऐसा प्रस्ताव मिला है।” उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह से निराधार और भ्रामक बताया।
हाल के दिनों में कुछ राजनीतिक हलकों और मीडिया रिपोर्टों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस के बीच संभावित विलय पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, सुप्रिया सुले के इस बयान के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया है।
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सुप्रिया सुले ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी का ध्यान फिलहाल संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर काम करने पर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनसीपी (एसपी) अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान के साथ आगे बढ़ रही है और किसी भी तरह के विलय या गठबंधन परिवर्तन की कोई योजना नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्षी गठबंधन के भीतर समय-समय पर इस तरह की चर्चाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन आधिकारिक बयान आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाती है। सुप्रिया सुले के इस बयान ने फिलहाल इन अटकलों को समाप्त कर दिया है।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह दिखाया है कि चुनावी माहौल में राजनीतिक दलों को लेकर कई तरह की अफवाहें और अटकलें सामने आती रहती हैं, जिनकी पुष्टि संबंधित नेताओं के बयान से ही होती है।
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