कांग्रेस नेता और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त कर उसकी जगह विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, यानी VB-G RAM G लाने को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महात्मा गांधी और भगवान राम का नाम केवल प्रचार के लिए इस्तेमाल करती है, लेकिन उनके आदर्शों का पालन नहीं करती।
शनिवार (3 जनवरी, 2026) को भुवनेश्वर में एक साक्षातकार में सुरजेवाला ने कहा कि यूपीए सरकार के दौर में लागू मनरेगा को हटाकर नई योजना लाने से करीब 50 करोड़ गरीब लोगों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि मनरेगा की जगह VB-G RAM G लागू करने से 12.5 करोड़ गरीब, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। यदि उनके परिवारों को भी जोड़ा जाए, तो यह संख्या 50 करोड़ तक पहुंचती है।
सुरजेवाला ने कहा कि मनरेगा एक मांग-आधारित योजना थी, जिसमें कोई भी मजदूर पंचायत के पास जाकर काम की मांग कर सकता था। यदि तय समय में काम नहीं दिया जाता था, तो मजदूरी का भुगतान अनिवार्य था। लेकिन नई योजना में सभी फैसले दिल्ली से किए जाएंगे। अब यह तय किया जाएगा कि किस राज्य, जिले या गांव को कितना काम मिलेगा।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जहां मनरेगा पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित थी, वहीं VB-G RAM G के तहत राज्यों को 40 प्रतिशत खर्च उठाना होगा। सुरजेवाला ने कहा कि अधिकांश राज्य इतनी बड़ी राशि वहन नहीं कर सकते, जिससे गरीबों को रोजगार देने की पूरी व्यवस्था ही ठप हो जाएगी।
इस मौके पर ओडिशा कांग्रेस के प्रभारी अजय कुमार लल्लू ने घोषणा की कि पार्टी 10 जनवरी से 25 फरवरी तक ओडिशा में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ चलाएगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक जनसभाएं आयोजित कर गरीब विरोधी कानून के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
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