तेलंगाना सरकार न केवल हैदराबाद बल्कि पूरे राज्य में एक जीवंत और उद्योग-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र (industry-friendly ecosystem) विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बात राज्य के उद्योग और आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू (D. Sridhar Babu) ने कही।
मंत्री डी. श्रीधर बाबू एफटीसीसीआई उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 (FTCCI Excellence Awards 2026) समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि तेलंगाना भारत के अगले विकास चरण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का मुख्य फोकस सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology), जीवन विज्ञान (Life Sciences), विनिर्माण (Manufacturing), डीपटेक (Deeptech) और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के विकास पर रहेगा। इन क्षेत्रों को मजबूत करके राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने और निवेश को आकर्षित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
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मंत्री ने कहा कि तेलंगाना ने पिछले वर्षों में उद्योग और तकनीकी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है और अब इसे और तेज गति से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
डी. श्रीधर बाबू ने यह भी कहा कि सरकार निवेशकों के लिए सरल नीतियां, पारदर्शी प्रशासन और तेज अनुमोदन प्रक्रिया सुनिश्चित कर रही है, ताकि उद्योगों को बेहतर माहौल मिल सके।
कार्यक्रम में विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भी भाग लिया और राज्य की औद्योगिक नीति की सराहना की।
सरकार का उद्देश्य है कि तेलंगाना को वैश्विक निवेश और तकनीकी नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाया जाए, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सके।
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