तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में 20 सांसदों के कथित रूप से भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन करने की खबरों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। पार्टी के नेताओं ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे “फर्जी सूची” करार दिया है और विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है।
टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने कहा कि यह सूची पूरी तरह “फर्जी और मनगढ़ंत” है और इसे भाजपा द्वारा फैलाया गया है। उन्होंने दावा किया कि सूची में शामिल कई नेताओं ने पहले ही किसी भी तरह के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है।
कीर्ति आज़ाद ने कहा, “यह फर्जी सूची भाजपा द्वारा फैलाई गई है। इनमें से छह नेताओं ने साफ तौर पर किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है। ऑपरेशन लोटस विफल हो गया है, अमित शाह असफल रहे हैं।”
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वहीं टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को कथित रूप से भेजे गए पत्र को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, और 24 घंटे बीतने के बाद भी ऐसे किसी पत्र की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय ने भी ऐसे किसी पत्र की प्राप्ति से इनकार किया है।
कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ टीएमसी नेताओं की भाजपा नेता भूपेंद्र यादव से मुलाकात कैसे हुई और किसने इसकी व्यवस्था की, यह भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे अब ममता बनर्जी को अपना नेता नहीं मानते।
उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि कोई समूह पार्टी छोड़ने की कोशिश करता है तो उसे दल-बदल कानून के तहत कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि चुनाव के दौरान जो नेता ममता बनर्जी की तारीफ करते थे, वही अब पार्टी छोड़ने की बात कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे नेताओं को “गद्दार” बताया और कहा कि यदि वे भाजपा में जाना चाहते हैं तो खुलकर जाएं और चुनाव लड़ें।
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