अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के साथ शांति वार्ता सोमवार से शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत के रास्ते खुले हैं और अब विवाद का समाधान सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीति के माध्यम से तलाशने की कोशिश की जाएगी। ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि वह लोगों की जान नहीं लेना चाहते क्योंकि युद्ध में बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की मौत होती है।
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सोमवार दोपहर से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि वह देखना चाहते हैं कि वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ती है। ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने फिलहाल अमेरिकी सेना को ईरान पर नए हमले करने का आदेश नहीं दिया है।
ट्रंप के अनुसार, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों के नेताओं ने उनसे सैन्य कार्रवाई रोककर बातचीत को मौका देने की अपील की थी। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सहित कई नेताओं से चर्चा के बाद उन्होंने हमले की योजना स्थगित करने का फैसला किया।
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ट्रंप ने दावा किया कि पश्चिम एशिया में पांच महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक संभावित समझौते की रूपरेखा तैयार हो रही है। उन्होंने कहा कि इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सुरक्षित और सामान्य रूप से खोलने का प्रयास भी शामिल होगा। साथ ही, अमेरिका की ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंताओं का समाधान भी इस वार्ता का अहम हिस्सा रहेगा।
हालांकि, दूसरी ओर ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पहले जैसी नहीं होगी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि जलमार्ग को दोबारा खोलने पर फिलहाल कोई सहमति नहीं बनी है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर ओमान के साथ चर्चा जारी है, लेकिन अभी किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचा गया है। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के बीच शुरू होने वाली प्रस्तावित शांति वार्ता पर टिकी हुई है।
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