अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को पुष्टि की कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपना दूसरा विमानवाहक पोत भेज रहा है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और वार्ताएं जारी हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका पहले ही अपना विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन क्षेत्र में तैनात कर चुका है और अब दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford भी जल्द तैनात किया जाएगा। यह कदम अमेरिका की बढ़ती सैन्य तैयारी और ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के साथ समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका को बड़ी सैन्य ताकत की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि “अगर हमें इसकी जरूरत पड़ी तो हम तैयार रहेंगे।” साथ ही उन्होंने ईरान में शासन परिवर्तन को “वह सबसे अच्छी चीज” बताया जो वहां हो सकती है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 47 वर्षों से ईरान के साथ बातचीत होती रही है, लेकिन ठोस परिणाम सामने नहीं आए और इस दौरान कई लोगों की जान गई। उन्होंने संकेत दिया कि यदि बातचीत विफल होती है तो हालात गंभीर हो सकते हैं।
ईरान में हाल ही में आर्थिक संकट और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे और इसके लिए दबाव बढ़ाया जा रहा है। वहीं ईरान ने कहा है कि वह “अत्यधिक मांगों” के आगे झुकने वाला नहीं है, लेकिन क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए बातचीत जारी रखेगा।
इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है और दुनिया की नजरें अब अमेरिका-ईरान वार्ता पर टिकी हुई हैं।
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