भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को AI इम्पैक्ट समिट के दौरान किए गए “शर्टलेस प्रदर्शन” मामले में जमानत पर रिहा कर दिया गया है। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि उन्हें तिहाड़ जेल से रिहा किया गया।
यह घटनाक्रम एक दिन बाद सामने आया, जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने सत्र न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें चिब की जमानत पर स्थगन लगा दिया गया था। इससे पहले निचली अदालत ने मजिस्ट्रेट द्वारा दी गई जमानत को रोक दिया था, जिसके खिलाफ चिब ने उच्च न्यायालय का रुख किया था।
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी ने इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की। याचिका में सत्र न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसने मजिस्ट्रेट द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगाई थी। सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने राहत देते हुए जमानत पर लगी रोक को स्थगित कर दिया, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
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उदय भानु चिब को पिछले महीने AI इम्पैक्ट समिट के दौरान कथित रूप से शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इसे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताया था। हालांकि, युवा कांग्रेस ने इसे शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक विरोध करार दिया था।
रिहाई के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। भारतीय युवा कांग्रेस के नेताओं ने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत किया गया था।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च न्यायालय द्वारा दी गई राहत से मामले की दिशा बदल सकती है, हालांकि अंतिम निर्णय आगे की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल, चिब को जमानत की शर्तों का पालन करना होगा और निर्धारित तिथियों पर अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा।
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