अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर शुक्रवार (9 जनवरी, 2026) को भारत पहुंचे। उनके आगमन को भारत-अमेरिका संबंधों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर कुछ मतभेद सामने आए हैं। सर्जियो गोर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और उनके आंतरिक सर्कल के प्रमुख सदस्य के रूप में जाना जाता है।
भारत पहुंचने के बाद सर्जियो गोर ने एक संदेश साझा करते हुए कहा, “भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है! हमारे दोनों देशों के लिए आगे अविश्वसनीय अवसर मौजूद हैं।” वह औपचारिक रूप से 12 जनवरी, 2026 को भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
उनके आगमन से पहले ही भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया था कि भारत अमेरिका के साथ एक “संतुलित” व्यापार समझौते के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि भारत आपसी हितों और समानता के आधार पर द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को आगे बढ़ाना चाहता है।
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पिछले कुछ समय से भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, टैरिफ और बाजार पहुंच जैसे मुद्दों को लेकर तनाव की स्थिति रही है। ऐसे में सर्जियो गोर की नियुक्ति और उनका सकारात्मक बयान दोनों देशों के संबंधों में नई ऊर्जा लाने की उम्मीद जगा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गोर की निकटता राष्ट्रपति ट्रंप से होने के कारण भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग को नई दिशा मिल सकती है। साथ ही, यह भी माना जा रहा है कि व्यापार विवादों को सुलझाने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।
कुल मिलाकर, सर्जियो गोर का भारत आगमन दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच भविष्य के सहयोग और साझेदारी के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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