वैष्णो देवी मंदिर बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि उसने हाल ही में आए बादल फटने के दौरान जारी की गई मौसम चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं किया। बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की यात्रा को पहले ही रोक दिया गया था।
इससे पहले कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि बोर्ड ने मौसम संबंधी चेतावनियों को अनदेखा किया और इसके कारण आपदा हुई। हालांकि, बोर्ड ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया और बताया कि उन्होंने सुरक्षा निर्देशों का पालन किया और यात्रा को समय रहते स्थगित कर दिया।
बोर्ड ने यह भी कहा कि उन्होंने आपदा के समय राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए। हालांकि, बोर्ड ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कितनी मौतें हुईं, इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। अधिकारियों ने कहा कि मृतकों और घायल श्रद्धालुओं की संख्या का विवरण बाद में सार्वजनिक किया जाएगा।
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विशेषज्ञों का कहना है कि वैष्णो देवी जैसी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर मौसम की चेतावनियों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। बोर्ड द्वारा यात्रा रोकने का कदम सुरक्षा के लिहाज से उचित माना जा रहा है।
बोर्ड ने श्रद्धालुओं और मीडिया से अनुरोध किया कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार करें। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।
इस घटना ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया।
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