कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। मोस्ट वांटेड गैंगस्टर वेंकटेश गर्ग को जॉर्जिया से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह एसटीएफ की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था।
अधिकारियों के अनुसार, वेंकटेश गर्ग के खिलाफ हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ में हत्या, लूट और रंगदारी समेत एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोप है कि भारत से फरार होने के बाद वह जॉर्जिया में बैठकर एक संगठित रंगदारी नेटवर्क चला रहा था और कुख्यात कपिल सांगवान गैंग के लिए काम कर रहा था।
जांच एजेंसियों ने उसे बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता हरबिलास रज्जूमाजरा हत्याकांड से भी जोड़ा है। पुलिस के मुताबिक, जनवरी 2025 में हरबिलास रज्जूमाजरा की हत्या के बाद वेंकटेश गर्ग विदेश भाग गया था। वहीं से वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के जरिए शूटरों की भर्ती कर आपराधिक गतिविधियों का संचालन करता था।
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हरबिलास रज्जूमाजरा, जो एक व्यवसायी और बसपा नेता थे, 24 जनवरी 2025 को नारायणगढ़ के पास अपने साथियों पुनीत और जुगल के साथ कार में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान हथियारबंद हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।
भारतीय एजेंसियों ने कई महीनों तक वेंकटेश गर्ग की गतिविधियों पर नजर रखी। खुफिया सूचनाओं के आधार पर उसे नवंबर 2025 में जॉर्जिया में हिरासत में लिया गया था। प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार सुबह उसे भारत लाया गया और एसटीएफ ने तत्काल गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब उसे अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, ताकि रंगदारी नेटवर्क, अंतरराज्यीय अपराधों और उसके विदेशी संपर्कों की गहन जांच की जा सके।
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