पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले अपनी तैयारियों का जायजा लेने के लिए कोलकाता में शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। इस अहम बैठक में पार्टी नेतृत्व बूथ स्तर के प्रबंधन, कार्यकर्ताओं के समन्वय और चुनावी रणनीति की समीक्षा करेगा, ताकि मतगणना के दिन किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सके।
पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में तैनात सांसदों और विधायकों सहित सभी बाहरी नेताओं को बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। ये नेता अपने-अपने क्षेत्रों से विस्तृत रिपोर्ट और फीडबैक पेश करेंगे, जिससे अंतिम रणनीति को मजबूत किया जा सके।
इस बीच, एग्जिट पोल के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। अधिकांश एग्जिट पोल बीजेपी को बढ़त देते हुए उसकी जीत का अनुमान लगा रहे हैं, जबकि कुछ सर्वेक्षणों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को भी बढ़त दिखाई गई है। एक प्रमुख एग्जिट पोल के अनुसार, बीजेपी को 146 से 161 सीटें मिल सकती हैं, जबकि टीएमसी को 125 से 140 सीटों का अनुमान है।
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हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन अनुमानों को खारिज करते हुए अपनी जीत का भरोसा जताया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम पर कड़ी निगरानी रखने की अपील की है और संभावित छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। ममता ने दावा किया कि उनकी पार्टी 226 से अधिक सीटें जीत सकती है और जनता के समर्थन पर उन्हें पूरा विश्वास है।
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