झारखंड में आगामी 18 जून को होने वाले राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और अजय शर्मा ने शनिवार को रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से महत्वपूर्ण मुलाकात की।
यह बैठक राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन की चुनावी रणनीति और संभावित जीत को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है। बैठक के दौरान तीनों नेताओं ने वर्तमान राजनीतिक स्थिति, गठबंधन की एकजुटता और विधानसभा में संख्याबल को लेकर विस्तार से चर्चा की।
कांग्रेस पर्यवेक्षकों ने बैठक के बाद विश्वास जताया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और अन्य सहयोगी दलों का गठबंधन राज्यसभा चुनाव में मजबूत स्थिति में है और दोनों सीटों पर जीत हासिल कर सकता है।
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उन्होंने कहा कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और सभी सहयोगी दल मिलकर उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं। पर्यवेक्षकों ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों की रणनीति का मुकाबला करने के लिए गठबंधन पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी बैठक में विश्वास जताया कि गठबंधन की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और राज्यसभा चुनाव में इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा।
राज्य में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं और सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। ऐसे में यह बैठक गठबंधन की मजबूती और समन्वय का संकेत मानी जा रही है।
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