भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के बीच तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को लेकर गठबंधन रणनीति पर बातचीत अब अगले चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, दोनों दल अब छोटे और प्रभावशाली क्षेत्रीय दलों को फिर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन को मजबूत चुनौती दी जा सके।
इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और AIADMK के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी, जो इन दिनों दिल्ली में हैं, के बीच बुधवार देर रात गठबंधन के विस्तार पर अहम बैठक प्रस्तावित थी। इस बातचीत को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि तमिलनाडु में NDA को मजबूत करने की दिशा में यह निर्णायक कदम हो सकता है।
उसी दिन पट्टाली मक्कल काची (PMK) के उस धड़े ने, जिसका नेतृत्व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अंबुमणि रामदास कर रहे हैं, NDA में वापसी की घोषणा की। डॉ. अंबुमणि रामदास ने बुधवार सुबह चेन्नई में एडप्पादी के. पलानीस्वामी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस अवसर पर पलानीस्वामी ने संकेत दिए कि आने वाले हफ्तों में और भी राजनीतिक दल NDA में शामिल हो सकते हैं।
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बीजेपी की रणनीति केवल AIADMK तक सीमित नहीं है। पार्टी ओ. पन्नीरसेल्वम, टी.टी.वी. दिनाकरन और देशिय मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (DMDK) जैसे दलों और नेताओं को भी दोबारा NDA के पाले में लाने की कोशिश कर रही है। पार्टी का मानना है कि व्यापक सामाजिक और राजनीतिक आधार वाला गठबंधन ही डीएमके के प्रभाव को चुनौती दे सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, तमिलनाडु में बीजेपी अकेले दम पर बड़ी सफलता नहीं हासिल कर सकती, इसलिए क्षेत्रीय दलों के साथ मजबूत और संतुलित गठबंधन उसकी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है।
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