कर्नाटक की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के परिवार को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए 600 करोड़ रुपये की कथित सुपारी देने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। कांग्रेस और डीके शिवकुमार ने आरोपों को खारिज किया है।
कुमारस्वामी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार उनके परिवार के खिलाफ कई साजिशों में शामिल रहे हैं। उन्होंने कथित 600 करोड़ रुपये के सुपारी सौदे को इन्हीं प्रयासों में से एक बताया। इस बयान के बाद कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ गया है।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्यमंत्री ने उनके परिवार को खत्म करने की योजना बनाई थी। हालांकि, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध किसी जांच रिपोर्ट या प्रमाण से इस कथित सौदे के अस्तित्व अथवा शिवकुमार की इसमें भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है।
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कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ा है विवाद
यह पूरा मामला कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। कुमारस्वामी पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि डीके शिवकुमार ने इस ऑपरेशन की रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल कांग्रेस नेतृत्व को प्रभावित करने के लिए किया।
कुमारस्वामी का दावा है कि कथित स्टिंग ऑपरेशन की रिकॉर्डिंग कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई गई और इसके जरिए सिद्धारमैया पर मुख्यमंत्री पद छोड़ने का दबाव बनाया गया। उनके अनुसार, इससे शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो सकता था। हालांकि, इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विवाद उस समय और बढ़ गया, जब खबरों के मुताबिक शिवकुमार ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को संभावित स्टिंग ऑपरेशन के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। इसके बाद रिकॉर्डिंग के पीछे किसका हाथ है और उनका राजनीतिक उद्देश्य क्या था, इस पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया राजनीति से प्रेरित
कांग्रेस ने कुमारस्वामी के आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। डीके शिवकुमार ने भी कथित स्टिंग ऑपरेशन कराने के आरोपों से इनकार किया है।
वहीं, सिद्धारमैया ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। फिलहाल, विवादित रिकॉर्डिंग के स्रोत, उनके प्रसार और कांग्रेस के आंतरिक फैसलों पर उनके संभावित प्रभाव को लेकर कई सवाल अनुत्तरित हैं।
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