तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि देश में चलाए जा रहे 'वोट चोरी' अभियान को विदेशी ताकतों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने यह बयान तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए यह दावा किया कि इस तरह के अभियानों के पीछे बाहरी हाथ काम कर रहे हैं।
रामचंद्र राव ने अपने बयान में युवाओं में बढ़ती राष्ट्रवाद की भावना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में हुए छात्र संघ चुनावों में इस भावना का स्पष्ट प्रतिबिंब देखने को मिला है। उनके अनुसार, पंजाब, केरल और हैदराबाद में हुए छात्र संघ चुनावों के नतीजे इस बात के प्रमाण हैं कि युवा पीढ़ी राष्ट्रवादी विचारधारा की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि इन तीनों अलग-अलग क्षेत्रों में हुए चुनावी नतीजों से यह साबित होता है कि राष्ट्रवाद केवल किसी एक राज्य या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के युवाओं में एक समान रूप से बढ़ रहा है। उन्होंने पंजाब का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के छात्र संघ चुनावों में भी राष्ट्रवादी सोच की झलक देखने को मिली, जो आमतौर पर अलग राजनीतिक माहौल के लिए जाना जाता रहा है।
और पढ़ें: प्रकाश राज बोले- देश का युवा नए भारत के निर्माण की दहलीज पर खड़ा है
इसी तरह केरल में हुए छात्र संघ चुनावों का भी उन्होंने हवाला दिया, जहां पारंपरिक रूप से वामपंथी विचारधारा का प्रभुत्व रहा है। रामचंद्र राव के अनुसार, वहां भी बदलाव के संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई दिए हैं। हैदराबाद में हुए छात्र संघ चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तेलंगाना की राजधानी में भी युवाओं का रुझान राष्ट्रवादी विचारधारा की ओर बढ़ा है।
अपने संबोधन में रामचंद्र राव ने 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने यह आरोप भारतीय जनता पार्टी की तेलंगाना इकाई की ओर से एक सार्वजनिक मंच से लगाया, जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले अभियानों के पीछे देश-विरोधी और विदेशी शक्तियां सक्रिय हो सकती हैं।
रामचंद्र राव के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। उनके आरोपों पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया का अभी इंतजार किया जा रहा है। भाजपा नेता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में विभिन्न राज्यों में चुनावी प्रक्रियाओं और मतदाता सूचियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती जा रही है।
और पढ़ें: पेरिस में प्रदर्शनों से 'तबाही', मेयर बोलीं- पूरी सड़कें बर्बाद; मिलान में भी हिंसा