मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण ईंधन कीमतों में बढ़ती अस्थिरता के बीच केंद्र सरकार ने विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के मूल्य स्थिरीकरण के लिए 10,000 करोड़ रुपये की एकमुश्त बजटीय सहायता को मंजूरी दे दी गई है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि यह सहायता तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को ब्याज-मुक्त अग्रिम राशि के रूप में दी जाएगी। यह राशि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अनुदान मांगों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार के अनुसार, एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण सहायता 36 महीने तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान हर वर्ष इसकी समीक्षा की जाएगी या फिर तब तक यह व्यवस्था लागू रहेगी, जब तक अग्रिम राशि की पूरी वसूली या समायोजन नहीं हो जाता। आवश्यकता पड़ने पर सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
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इस फैसले से भारतीय एयरलाइंस को एटीएफ की कीमतों में स्थिरता और पूर्वानुमान का लाभ मिलेगा, जिससे वे बेहतर वित्तीय और परिचालन योजना बना सकेंगी। साथ ही ईंधन कीमतों में अचानक वृद्धि का बोझ सीधे यात्रियों पर नहीं पड़ेगा, जिससे हवाई किराए में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
सरकार का मानना है कि यह कदम दूरदराज, क्षेत्रीय, टियर-2 और टियर-3 शहरों तक हवाई संपर्क बनाए रखने में सहायक होगा। इससे संतुलित क्षेत्रीय विकास और समावेशी आर्थिक वृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा यह व्यवस्था तेल विपणन कंपनियों को पश्चिम एशिया संकट के दौरान एटीएफ की ऊंची और अस्थिर कीमतों से होने वाले संभावित नुकसान से बचाएगी। इस पहल से पर्यटन, आतिथ्य, व्यापार, निर्यात, लॉजिस्टिक्स और निवेश जैसे क्षेत्रों को भी सकारात्मक लाभ मिलने की उम्मीद है।
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