ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने शराब पीकर वाहन चलाने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। वॉर्नर पर यह मामला ईस्टर रविवार को शराब के नशे में गाड़ी चलाने से जुड़ा है। अदालत ने उनकी सजा सुनाने की तारीख 18 अगस्त तय की है।
वॉर्नर की ओर से उनके वकील बॉबी हिल ने बुधवार, 22 जुलाई को वेवर्ली लोकल कोर्ट में अपराध स्वीकार करने की जानकारी दी। हालांकि, इस सुनवाई के दौरान वॉर्नर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने की जरूरत नहीं पड़ी।
मामला उस घटना से जुड़ा है जब सिडनी के पूर्वी उपनगरों में पुलिस ने वॉर्नर को रोका था। सड़क पर किए गए शुरुआती शराब परीक्षण में सकारात्मक परिणाम आने के बाद उन्हें मरौब्रा पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां किए गए दूसरे परीक्षण में उनके खून में अल्कोहल की मात्रा 0.104 दर्ज की गई। यह कानूनी सीमा से दोगुने से अधिक थी और इसे मध्यम स्तर के शराब पीकर गाड़ी चलाने की श्रेणी में रखा गया।
और पढ़ें: नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन जारी, किरण रिजिजू ने चर्चा का प्रस्ताव दिया; विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा
वॉर्नर ने इससे पहले मई में ही संकेत दिया था कि वह इस मामले में अपना अपराध स्वीकार करेंगे। उनके वकील ने बताया कि वॉर्नर ने गलती स्वीकार की है और उन्हें इस फैसले पर पछतावा है। वॉर्नर ने माना कि कार चलाने के बजाय टैक्सी या उबर जैसी वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
वकील बॉबी हिल के अनुसार, घटना से पहले वॉर्नर ने एक दोस्त के घर पर तीन गिलास शराब पी थी। उन्होंने कहा कि शराब पीना अपराध नहीं है, लेकिन उसके बाद गाड़ी चलाने का फैसला गलत था। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस द्वारा रोके जाने से करीब 11 मिनट पहले वॉर्नर ने आखिरी बार शराब पी थी।
वॉर्नर की इस गलती के बाद उनकी सिडनी थंडर टीम की कप्तानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ली जर्मन ने कहा कि संस्था सुरक्षित ड्राइविंग का समर्थन करती है और शराब पीकर वाहन चलाने के खिलाफ है।
अब सभी की नजर 18 अगस्त को आने वाले अदालत के फैसले और वॉर्नर के क्रिकेट भविष्य पर टिकी हुई है।
और पढ़ें: सीजेपी प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई मामले में सीजेआई सूर्यकांत की सख्त टिप्पणी, बोले- हमारा समय बर्बाद न करें