अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच दुबई के जेबेल अली औद्योगिक क्षेत्र और बंदरगाह में बुधवार तड़के लगातार धमाकों से अफरातफरी मच गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि करीब 20 मिनट के भीतर सात धमाकों की आवाज सुनी गई। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक विस्फोटों के कारणों का खुलासा नहीं किया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इलाके से भारी धुआं उठता देखा गया। नासा की थर्मल इमेजिंग तस्वीरों में बंदरगाह के पास एक गोदाम में आग लगने के संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि यह गोदाम ईंधन भंडारण और स्थानांतरण से जुड़ा हुआ था।
घटना के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ इराकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि ये धमाके यमन से दागी गई मिसाइलों के कारण हुए, लेकिन संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
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अरब मीडिया के अनुसार, घटना की रिकॉर्डिंग करने वाले दो लोगों को अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। वहीं, यमन की राजधानी सना में भी धमाकों की खबर सामने आई है। हालांकि, वहां हुए विस्फोटों को लेकर भी अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने अभी तक किसी हताहत या नुकसान की जानकारी जारी नहीं की है।
इस बीच, ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जहाज ईरान नियंत्रित मार्ग से प्रवेश कर सकते हैं और ओमान के नियंत्रण वाले रास्ते से बाहर निकल सकते हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी जल्द समझौते की संभावना जताई है।
वहीं, कतर भी संघर्ष खत्म कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखे हुए है। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की है।
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