डोंबिवली में ठाणे जिले के अंतर्गत रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में 9,111 महिलाओं ने सामूहिक रूप से पारंपरिक लेझीम नृत्य प्रस्तुत कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बनाया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की पुष्टि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आधिकारिक निर्णायक स्वप्निल डांगरीकर ने की।
लेझीम नृत्य महाराष्ट्र का एक पारंपरिक लोकनृत्य है, जिसमें तेज गति से किए जाने वाले कदमों और तालबद्ध गतिविधियों का विशेष महत्व होता है। इस नृत्य का नाम ‘लेझीम’ नामक एक हाथ में पकड़े जाने वाले वाद्य यंत्र से पड़ा है। यह वाद्य लकड़ी से बना होता है और इसमें धातु की छोटी-छोटी घंटियां लगी होती हैं, जिनकी झंकार नृत्य के दौरान एक खास लय पैदा करती है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर उत्साह और ऊर्जा के साथ लेझीम नृत्य प्रस्तुत किया। हजारों महिलाओं की एक साथ तालमेल के साथ की गई प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
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गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक स्वप्निल डांगरीकर ने बताया कि इससे पहले सबसे बड़े लेझीम नृत्य का रिकॉर्ड सांगली शिक्षण संस्था के नाम था। यह रिकॉर्ड 26 जनवरी 2014 को छत्रपति शिवाजी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बना था, जिसमें 7,338 प्रतिभागियों ने भाग लिया था।
उन्होंने कहा कि डोंबिवली में आयोजित इस कार्यक्रम में 9,111 महिलाओं ने एक साथ प्रदर्शन कर पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया और नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। इस उपलब्धि को महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।
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