प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए पटना उच्च न्यायालय ने बड़ा कदम उठाया है। उच्च न्यायालय ने पटना, लखीसराय और पूर्णिया में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इन अदालतों में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों की शीघ्र सुनवाई की जाएगी।
उच्च न्यायालय ने इन फास्ट ट्रैक अदालतों के लिए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी है। गौरव सिंह को पटना, सीमा भारतीया को लखीसराय और ठाकुर अमन कुमार को पूर्णिया में पीठासीन अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। इन न्यायाधीशों की जिम्मेदारी होगी कि वे परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के मामलों की नियमित और त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करें।
उच्च न्यायालय प्रशासन के अनुसार, ये विशेष अदालतें लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2024 के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करेंगी। अदालतों में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद मामलों की प्रतिदिन सुनवाई होगी, ताकि मुकदमों का निपटारा निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जा सके।
और पढ़ें: जापान में भूकंप के बाद मॉल में विस्फोट, दो महिलाओं की मौत; राहत और बचाव अभियान तेज
न्यायालय का लक्ष्य है कि प्रत्येक मामले का परीक्षण पूरा कर तीन महीने के भीतर फैसला सुनाया जाए। इससे लंबे समय से लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण होगा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी।
पटना उच्च न्यायालय ने इन फास्ट ट्रैक अदालतों को औपचारिक रूप से अधिसूचित करने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भी भेज दिया है। अधिसूचना जारी होने के बाद ये अदालतें पूरी क्षमता के साथ कार्य करना शुरू कर देंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रश्नपत्र लीक की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
और पढ़ें: एर्नाकुलम-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस में तकनीकी खराबी, पनवेल स्टेशन पर बी1 कोच हटाया गया