भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने रविवार को इतिहास रचते हुए अपना पहला जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीत लिया। सिंधु ने फाइनल मुकाबले में मेजबान जापान की स्टार खिलाड़ी अकाने यामागुची को सीधे गेमों में 21-17, 21-17 से हराकर प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम की।
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने लंबे समय बाद अपने शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर वापसी की। इस जीत के साथ वह जापान ओपन खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बन गईं। यह उनकी 2019 में बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप जीतने के बाद सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
फाइनल मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने पहले गेम में 3-0 की बढ़त बनाई, लेकिन यामागुची ने वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। जापानी खिलाड़ी कुछ समय के लिए बढ़त बनाने में भी सफल रहीं, लेकिन सिंधु ने शानदार नियंत्रण और धैर्य दिखाते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
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11-11 की बराबरी के बाद सिंधु ने बेहतरीन नेट प्ले, सटीक शॉट्स और शक्तिशाली क्रॉस-कोर्ट स्मैश के जरिए बढ़त बनाई। यामागुची ने फिर वापसी की कोशिश करते हुए स्कोर 17-17 तक पहुंचाया, लेकिन सिंधु ने लगातार दो शानदार अंक हासिल कर पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में भी सिंधु ने तेज शुरुआत की और लगातार छह अंक हासिल कर 8-3 की बढ़त बना ली। हालांकि, यामागुची ने संघर्ष जारी रखते हुए अंतर कम किया और स्कोर 19-17 तक पहुंचाया। महत्वपूर्ण समय में सिंधु ने संयम बनाए रखा और अंतिम अंक हासिल कर खिताब अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ सिंधु ने दो साल से अधिक समय से चले आ रहे अपने खिताबी इंतजार को खत्म किया। यह उनकी 2024 सैयद मोदी इंटरनेशनल जीत के बाद पहली बड़ी उपलब्धि है।
जापान ओपन का यह खिताब सिंधु के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला साबित होगा और आगामी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिताओं के लिए उन्हें मजबूत दावेदार बनाएगा।
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