उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में मुहर्रम के अवसर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कुंडा विधानसभा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया है। प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई मुहर्रम के जुलूसों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से की गई है।
गुरुवार सुबह भारी संख्या में पुलिस बल भदरी किले के मुख्य द्वार पर पहुंचा और वहां नोटिस चस्पा कर दिया गया। प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार उदय प्रताप सिंह और उनके सहयोगी निर्धारित अवधि तक अपने आवास से बाहर नहीं निकल सकेंगे। इसके साथ ही भदरी किले के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मुहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक तनाव की स्थिति से बचने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रतापगढ़ पुलिस पूरे जिले में अलर्ट मोड पर है और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कुंडा के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।
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उदय प्रताप सिंह को पिछले कई वर्षों से मुहर्रम के दौरान एहतियातन नजरबंद किया जाता रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे मुहर्रम और ताजिया जुलूसों का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से हो पाता है। जानकारी के अनुसार उदय प्रताप सिंह हर वर्ष इस अवसर पर हनुमान मंदिर में भंडारे की घोषणा करते हैं, लेकिन प्रशासन इसकी अनुमति नहीं देता।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में शेखपुर आशिक गांव स्थित हनुमान मंदिर में बंदर की मौत की बरसी और मुहर्रम जुलूस को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। उस समय दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए थे। इसी घटना के बाद से प्रशासन हर वर्ष एहतियात के तौर पर उदय प्रताप सिंह को नजरबंद करता आ रहा है।
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