पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच तनाव और गहरा हो गया है। अमेरिकी सेना ने बुधवार को कहा कि उसने ईरान के 16 ऐसे जहाजों को नष्ट कर दिया जो समुद्र में बारूदी सुरंगें (माइन) बिछाने में सक्षम थे। यह कार्रवाई उस समय हुई जब ईरान ने खाड़ी क्षेत्र से होने वाले तेल निर्यात को रोकने की धमकी दी है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, मंगलवार को की गई इस कार्रवाई में कई ईरानी नौकाओं को निशाना बनाया गया। साथ ही सेना ने इन जहाजों के कुछ अवर्गीकृत वीडियो फुटेज भी जारी किए हैं। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में माइन बिछाने की कोशिश न करे।
हालांकि ट्रंप ने कहा कि अब तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है कि ईरान ने जलडमरूमध्य में विस्फोटक लगाए हैं। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। युद्ध के 11वें दिन ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने तुरंत किसी भी संभावित माइन को नहीं हटाया तो उस पर “पहले कभी न देखे गए स्तर” का हमला किया जाएगा।
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अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी कहा कि जरूरत पड़ने पर ईरान पर और अधिक तीव्र हमले किए जाएंगे। इस बीच पेंटागन ने युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों के घायल होने की जानकारी भी साझा की।
वहीं तेहरान के कई निवासियों ने बताया कि हाल के दिनों में शहर पर सबसे भारी हमले हुए हैं। एक महिला ने कहा कि उसने एक आवासीय इमारत को हमले में तबाह होते देखा। लगातार हमलों के कारण हजारों लोग राजधानी छोड़कर ग्रामीण इलाकों में शरण लेने को मजबूर हो गए हैं।
दूसरी ओर लेबनान में इजरायली हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बचाव अभियान में शामिल रेड क्रॉस के एक सदस्य की भी मौत हो गई।
इसी बीच बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अंदर स्थित सैन्य ठिकानों को भी ड्रोन से निशाना बनाया गया। बताया गया कि कुछ ड्रोन अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन बलों के लॉजिस्टिक ठिकानों के पास गिरे।
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