नफरत भरे भाषण को केवल कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि संवैधानिक क्षति माना जाए: याचिकाकर्ताओं की सुप्रीम कोर्ट से अपील देश याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से नफरत भरे भाषण को ‘संवैधानिक क्षति’ मानने की मांग की, कहा कि यह भेदभावपूर्ण है और मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है।
दीपावली से पहले मुस्लिम व्यापारियों के आर्थिक बहिष्कार को बढ़ावा देने में प्लेटफॉर्म एक्स’का इस्तेमाल
भारत-वेस्टइंडीज सीरीज में बल्लेबाजों का दबदबा, डैरेन सैमी बोले- यह बल्ले बनाम बल्ले की प्रतियोगिता खेल