लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर की गई याचिका को सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक रूप से पंजीकृत कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले पर सुनवाई 26 अक्टूबर को होने की संभावना है।
विपक्षी गठबंधन "इंडिया" के नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से CEC के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पहले आरोप लगाया था कि "चुनाव दर चुनाव, ज्ञानेश कुमार ने चुनावों में हेरफेर कर राज्यों को भाजपा की झोली में डाला है।" विपक्ष का कहना है कि वे मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए पुराने (प्री-SIR) मतदाता सूचियों के इस्तेमाल की मांग कर रहे हैं।
इस मुद्दे पर दिल्ली में बीते सप्ताह बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे, जिनमें हज़ारों लोगों को हिरासत में लिया गया था। विपक्षी नेताओं ने इस कार्रवाई को "लोकतंत्र पर हमला" करार दिया था और मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत से मुलाकात कर एक ज्ञापन भी सौंपा था। भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उस पर लगाए जा रहे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से यह स्पष्ट हो सकता है कि क्या अदालत SIR प्रक्रिया या CEC की नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा करेगी। इस मामले पर आने वाले दिनों में और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की उम्मीद है, खासकर उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए।
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