आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक चुना गया है। पार्टी ने बुधवार को बताया कि राष्ट्रीय परिषद की वर्चुअल बैठक के दौरान केजरीवाल के नाम पर सर्वसम्मति बनी और उन्हें दोबारा इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
राष्ट्रीय संयोजक का पद आम आदमी पार्टी के संगठन में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पद पर रहते हुए अरविंद केजरीवाल पार्टी की राष्ट्रीय गतिविधियों, संगठनात्मक रणनीति और विभिन्न राज्यों में राजनीतिक विस्तार से जुड़े प्रमुख फैसलों में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।
पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई, जिसमें संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान राष्ट्रीय संयोजक के चुनाव की प्रक्रिया भी पूरी की गई। पार्टी के अनुसार, केजरीवाल के नाम पर किसी तरह का विरोध या मतभेद सामने नहीं आया और उन्हें सर्वसम्मति से फिर राष्ट्रीय संयोजक चुना गया।
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अरविंद केजरीवाल ने 2012 में आम आदमी पार्टी की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद पार्टी ने दिल्ली की राजनीति में तेजी से अपनी जगह बनाई। केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री भी रहे और उनके नेतृत्व में आप ने दिल्ली के अलावा पंजाब में भी सरकार बनाई।
राष्ट्रीय संयोजक के रूप में उनकी दोबारा नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब पार्टी देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए रणनीति तैयार करने पर जोर दे रही है।
केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को अपनी राजनीतिक पहचान का हिस्सा बनाती रही है। पार्टी का संगठन दिल्ली और पंजाब के अलावा अन्य राज्यों में भी विस्तार की कोशिश कर रहा है।
राष्ट्रीय परिषद की बैठक के बाद पार्टी ने केजरीवाल के पुनर्निर्वाचन की जानकारी सार्वजनिक की। सर्वसम्मति से हुए इस चुनाव को पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व पर भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है। अब उनके सामने संगठन को मजबूत करने और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की चुनौती होगी।
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