बरेली (उत्तर प्रदेश): बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों से गहरी असहमति जताते हुए सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने विशेष रूप से नई यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) नियमावली पर गंभीर आपत्ति जताई है, जिसे लेकर उनका मानना है कि इससे समाज में जाति आधारित असंतोष को बढ़ावा मिल सकता है।
अलंकार अग्निहोत्री वर्ष 2019 बैच के प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) अधिकारी हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा ई-मेल के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह को भेजा। उनके इस कदम से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, अग्निहोत्री लंबे समय से कुछ नीतिगत निर्णयों को लेकर असहज महसूस कर रहे थे। नई शैक्षणिक नियमावली को लेकर उनकी चिंता थी कि इससे सामाजिक संतुलन प्रभावित हो सकता है और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने अपने इस्तीफे में नीतिगत मतभेदों को मुख्य कारण बताया है।
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इस घटनाक्रम पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने इसे केवल एक अधिकारी का व्यक्तिगत निर्णय न मानते हुए प्रशासनिक दबाव का संकेत बताया है। नेताओं का कहना है कि यदि एक युवा और सक्षम अधिकारी इस तरह पद छोड़ने को मजबूर होता है, तो यह शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब शिक्षा और प्रशासन से जुड़ी नीतियों को लेकर देशभर में व्यापक बहस चल रही है। इस प्रकरण को प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
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