झारखंड के सारंडा क्षेत्र में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में कोबरा (सीओबीआरए) बल के पांच जवान घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ काफी तीव्र थी, हालांकि अब बीच-बीच में हो रही फायरिंग बंद हो चुकी है और इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और ऑपरेशन के आईजी माइकलराज एस ने बताया कि सभी घायल जवान खतरे से बाहर हैं और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल अब पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि छिपे हुए नक्सलियों को पकड़ा जा सके।
इस घटना के बीच केंद्र सरकार ने दावा किया है कि देश में अब कोई भी जिला नक्सली हिंसा से प्रभावित नहीं है। गृह मंत्रालय द्वारा इस महीने की शुरुआत में की गई उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा के बाद यह घोषणा की गई। मंत्रालय ने 8 अप्रैल को नौ राज्यों को भेजे गए पत्र में कहा कि 31 मार्च के बाद किए गए व्यापक आकलन में देश का कोई भी जिला वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) से प्रभावित श्रेणी में नहीं आता।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 मार्च को संसद में कहा था कि भारत अब माओवादियों से मुक्त हो चुका है। हालांकि, हालिया मुठभेड़ जैसी घटनाएं इस दावे पर सवाल खड़े करती हैं।
गृह मंत्रालय ने यह भी बताया कि 37 जिलों को “लेगेसी और थ्रस्ट जिले” के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जहां पहले नक्सली गतिविधियां होती थीं। इन क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास कार्यों को लगातार जारी रखना जरूरी है ताकि नक्सलवाद दोबारा सिर न उठा सके।
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