दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में हुए राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण के नतीजों में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। रविवार, 31 मई 2026 की रात घोषित शुरुआती परिणामों में कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख रखने वाले बाहरी उम्मीदवार एबेराल्डो दे ला एस्प्रिएला, जिन्हें ‘एल टाइग्रे’ यानी ‘द टाइगर’ के नाम से भी जाना जाता है, आगे चल रहे हैं।
एबेराल्डो दे ला एस्प्रिएला को उन मतदाताओं का व्यापक समर्थन मिलने की संभावना है जिन्होंने पहले दौर में किसी अन्य दक्षिणपंथी उम्मीदवार को वोट दिया था। उनकी बढ़त ने चुनाव को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है।
चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण अब मुकाबला दूसरे चरण में जाएगा, जो जून 2026 में आयोजित किया जाएगा। दूसरे चरण में एबेराल्डो दे ला एस्प्रिएला का मुकाबला इवान सेपेडा से होगा, जो निवर्तमान राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो के सहयोगी माने जाते हैं।
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इवान सेपेडा ने शुरुआती परिणामों पर सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया को लेकर संदेह जताया है, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। सत्तारूढ़ दल की ओर से भी परिणामों पर सवाल उठाए जाने के संकेत मिले हैं, जिससे देश में चुनावी विवाद की स्थिति बन सकती है।
एबेराल्डो दे ला एस्प्रिएला को एक सख्त अपराध विरोधी नेता के रूप में देखा जाता है, और उनकी छवि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने वाले नेता की है। यही कारण है कि उन्हें शहरी और मध्यम वर्ग के मतदाताओं से समर्थन मिल रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव कोलंबिया की राजनीतिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है, क्योंकि दोनों उम्मीदवारों की विचारधारा और नीतियों में स्पष्ट अंतर है।
अब सभी की नजरें जून में होने वाले दूसरे चरण के मतदान पर हैं, जो तय करेगा कि कोलंबिया की सत्ता किसके हाथों में जाएगी।
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