दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी में महिला सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा को नई मजबूती मिलेगी। दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग (डीएमसी) का पुनर्गठन किया है।
सरकार की ओर से दोनों आयोगों के अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन संस्थाओं के सक्रिय होने से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से जुड़े मामलों में अधिक प्रभावी तरीके से काम किया जा सकेगा। साथ ही अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों के समाधान को भी गति मिलेगी।
दिल्ली सरकार के अनुसार, महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा और सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आयोग के माध्यम से महिलाओं को कानूनी सहायता, शिकायतों के समाधान और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली की प्रत्येक महिला को सुरक्षित वातावरण मिले और वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
वहीं, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के गठन को लेकर सरकार ने कहा कि यह संस्था अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक हितों से जुड़े मामलों पर काम करेगी। आयोग समुदायों के बीच विश्वास बढ़ाने और उनकी समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभाएगा।
गौरतलब है कि दिल्ली महिला आयोग का पद लंबे समय से खाली था। इससे पहले स्वाति मालीवाल दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष थीं, जिन्होंने राज्यसभा सदस्य बनने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था।
दिल्ली सरकार ने कहा कि दोनों आयोगों के गठन से उनके कामकाज में तेजी आएगी और जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिक प्रभावी मंच मिलेगा। सरकार ने उम्मीद जताई कि नई नियुक्तियों के बाद महिला सुरक्षा और अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
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