दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके सीमापुरी में बुधवार, 7 अक्टूबर को एक चार मंजिला इमारत का अगला हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे में दो बच्चों और करीब चार महीने की गर्भवती महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, आसपास के दो मकान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
मृतकों में 12 वर्षीय एक बच्ची शामिल है, जिसकी पहचान अभी नहीं हो सकी है। दूसरी मृतका 21 वर्षीय गुलफसा थीं, जो करीब चार महीने की गर्भवती थीं। तीसरे मृतक बच्चे की पहचान और अन्य विवरण अभी सामने नहीं आए हैं।
मलबे से कुल 11 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इनमें से आठ घायलों को इलाज के लिए ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया। घायलों में 56 वर्षीय मोमिन मिर्जा, तीन वर्षीय अबदान, 28 वर्षीय अब्दुल रहमान, 28 वर्षीय देवुरुद्दीन, 50 वर्षीय सलमा, 34 वर्षीय छोटे, 35 वर्षीय सकीना और 30 वर्षीय समद शामिल हैं।
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अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार शाम उत्तराखंड में आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें आई थीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि मलबे के नीचे फंसे लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं। हालांकि, इमारत गिरने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। एमसीडी के अनुसार, पड़ोसियों ने दावा किया कि भूकंप के बाद इमारत में दरारें आने के चलते मालिक उसे खाली करा रहा था।
दिल्ली अग्निशमन सेवा को करीब 3:30 बजे घटना की सूचना मिली। इसके बाद दमकल, दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एनडीआरएफ, एमसीडी और डूसिब की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुट गईं। स्थानीय लोगों ने भी मलबा हटाने में मदद की।
दिल्ली यातायात पुलिस ने सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की सूचना दी। लोगों से घटनास्थल से दूर रहने और एंबुलेंस व बचाव वाहनों के लिए रास्ता खाली रखने की अपील की गई है।
यह हादसा 6 सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन में हुई इमारत दुर्घटना के करीब एक महीने बाद हुआ है, जिसमें सात लोगों की मौत हुई थी।
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