असम विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने संकेत दिए हैं कि परिणाम आने से पहले “होटल पॉलिटिक्स” की संभावना बन रही है। उन्होंने शनिवार को कहा कि वह असम इसलिए पहुंचे हैं ताकि पार्टी के विधायकों को टूट-फूट और दलबदल से बचाया जा सके।
डीके शिवकुमार ने बातचीत में स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता कांग्रेस के विधायकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, “मैं यहां विधायकों की रक्षा करने आया हूं,” जिससे यह संकेत मिलता है कि चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक दलों के बीच जोड़-तोड़ की कोशिशें तेज हो सकती हैं।
भारतीय राजनीति में “होटल पॉलिटिक्स” का मतलब होता है कि किसी पार्टी के विधायक या सांसदों को एक सुरक्षित स्थान, जैसे होटल या रिसॉर्ट में रखा जाता है ताकि विरोधी दल उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश न कर सकें। ऐसे हालात अक्सर तब देखने को मिलते हैं जब चुनाव परिणाम बेहद करीबी हों और सरकार बनाने के लिए संख्या बल निर्णायक हो।
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असम में 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने हैं और सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी तरह की राजनीतिक अस्थिरता से बचने के लिए पार्टियां पहले से ही सतर्क नजर आ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर परिणाम स्पष्ट बहुमत नहीं देते हैं, तो विधायकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी। यही कारण है कि कांग्रेस ने पहले से ही अपने विधायकों को सुरक्षित रखने की रणनीति बनाई है।
डीके शिवकुमार का यह बयान इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में असम की राजनीति में नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।
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