एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में जुलाई तक कटौती करने का फैसला किया है। कंपनी ने यह कदम जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों और कुछ देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण लिया है। यह स्थिति पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के चलते उत्पन्न हुई है, जिससे कई अंतरराष्ट्रीय रूट प्रभावित हुए हैं।
एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में बताया कि बढ़ते एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की कीमतों और हवाई मार्गों पर प्रतिबंधों के कारण कई उड़ानें घाटे में चल रही हैं। इसी वजह से जून और जुलाई के शेड्यूल में और कटौती करनी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी पहले ही अप्रैल और मई में कुछ उड़ानों को कम कर चुकी है। मौजूदा हालात में कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को चलाना आर्थिक रूप से संभव नहीं रह गया है।
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हाल ही में एटीएफ की कीमतों में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह लगातार दूसरे महीने की बढ़ोतरी है। दिल्ली में अब जेट फ्यूल की कीमत 1511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर हो गई है, जो 76.55 डॉलर यानी 5.33 प्रतिशत की वृद्धि है। इससे पहले 1 अप्रैल को घरेलू उड़ानों के लिए कीमतों में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी।
एयरलाइन ने कहा कि उसे यात्रियों और क्रू शेड्यूल में बदलाव से हुई असुविधा के लिए खेद है और उम्मीद जताई कि पश्चिम एशिया की स्थिति जल्द सामान्य होगी तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल जाएगा, जिससे परिचालन सामान्य हो सकेगा।
ध्यान रहे कि जेट फ्यूल की कीमतें दो दशक पहले ही डिरेगुलेट कर दी गई थीं और अब यह अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों से जुड़ी रहती हैं। मौजूदा वैश्विक तनाव ने एयरलाइन उद्योग पर भारी दबाव बना दिया है।
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