राजस्थान के हालिया शहरी निकाय चुनावों में जेनरेशन जेड यानी युवा पीढ़ी की राजनीति में सीमित लेकिन उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली है। जयपुर नगर निगम के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने 150 वार्डों में 18 जेनरेशन जेड उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जिनमें छह उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। इनमें कांग्रेस के चार और भाजपा के दो उम्मीदवार शामिल हैं।
जयपुर नगर निगम में निर्वाचित जेनरेशन जेड पार्षदों की हिस्सेदारी करीब चार प्रतिशत रही। कांग्रेस ने भाजपा की तुलना में दोगुने उम्मीदवार उतारे थे। कांग्रेस ने 12 जबकि भाजपा ने छह युवा उम्मीदवारों को टिकट दिया था।
जयपुर में सबसे कम उम्र के विजेताओं में 21 वर्षीय कांग्रेस उम्मीदवार फैज हसन शामिल हैं। उन्होंने वार्ड संख्या 71 से चुनाव जीतकर 39 वर्षीय निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद सलीम को हराया। वहीं, भाजपा की 21 वर्षीय पलक यादव ने वार्ड संख्या 10 में 39 वर्षीय कांग्रेस उम्मीदवार वंदना जाखड़ को पराजित किया।
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वार्ड संख्या 115 का मुकाबला भी चर्चा में रहा। यहां 29 वर्षीय भाजपा उम्मीदवार सूरज गोदिवाल ने 67 वर्षीय कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश बीवाल को 1,063 मतों से हराया। दोनों उम्मीदवारों के बीच 38 वर्ष की उम्र का अंतर था।
अलवर जिले के थानागाजी वार्ड से जीत हासिल करने वाली 21 वर्षीय नेहा शर्मा भी चुनाव परिणामों में प्रमुख नाम रहीं। पेशे से पत्रकार शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में रिपोर्टिंग के दौरान लोगों की समस्याओं को करीब से देखा था। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों और किसानों को अपनी शिकायतें लेकर जयपुर आकर नेताओं या सरकारी कार्यालयों के बाहर घंटों इंतजार करते देखना उनके लिए प्रेरणादायक रहा।
शर्मा के अनुसार, केवल लोगों की समस्याओं पर रिपोर्टिंग करने के बजाय उन्होंने सार्वजनिक जीवन में सीधे भूमिका निभाने का फैसला किया। उनका कहना था कि बदलाव की शुरुआत स्वयं से करना बेहतर है।
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