गुजरात के बीजेपी विधायक बचुभाई खाबड़ विवादों में घिर गए हैं। देवगढ़ बारिया नगरपालिका के फायर विभाग का वाहन विधायक के बंगले की सफाई करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में फायर टेंडर से धनपुर तालुका स्थित विधायक के आवास पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके बाद सरकारी संसाधन के कथित दुरुपयोग को लेकर बहस शुरू हो गई है।
नगरपालिका के एक कर्मचारी के मुताबिक, फायर टेंडर को नगरपालिका अध्यक्ष धर्मेश कलाल के निर्देश पर विधायक के आवास भेजा गया था। बताया गया कि वाहन बंगले की सफाई के लिए वहां पहुंचा। बचुभाई खाबड़ इससे पहले पंचायत और कृषि राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने विधायक से फायर टेंडर के इस्तेमाल के लिए 2,700 रुपये शुल्क वसूला। अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि वाहन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा है, उन्होंने उसे तुरंत वापस बुला लिया।
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धर्मेश कलाल ने कहा कि फायर विभाग को आमतौर पर फोन आने पर उसके उद्देश्य की जांच किए बिना वाहन भेज दिया जाता है। इस मामले में फोन एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की ओर से आया था, इसलिए वाहन भेजा गया। उन्होंने कहा कि घटना रविवार को होने के कारण बिल बनाने की प्रक्रिया में देरी हुई।
इस बीच, बचुभाई खाबड़ के बेटे बलवंत खाबड़ का नाम पहले भी एक बड़े मामले में सामने आ चुका है। उन्हें पिछले साल मई में कथित 71 करोड़ रुपये के मनरेगा घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, 2021 से 2024 के बीच 35 एजेंसियों के संचालकों ने सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी काम पूरा होने के प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर भुगतान हासिल किया।
पुलिस के मुताबिक, बलवंत खाबड़ की एक एजेंसी भी इस मामले में शामिल थी। उस पर देवगढ़ बारिया और धनपुर क्षेत्रों में मनरेगा कार्यों में धोखाधड़ी का आरोप है। मामले में तत्कालीन तालुका विकास अधिकारी दर्शन पटेल को भी गिरफ्तार किया गया था।
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