पाकिस्तान क्रिकेट की पहचान लंबे समय से उसकी घातक तेज गेंदबाजी रही है। इमरान खान, वसीम अकरम, वकार यूनिस, शोएब अख्तर, उमर गुल और अन्य गेंदबाजों ने दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी में लगातार गिरावट देखने को मिली है।
पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर उरूज मुमताज ने इस गिरावट के लिए घरेलू क्रिकेट की पिचों को जिम्मेदार बताया है। उनका मानना है कि बाबर आजम की कप्तानी के दौरान बल्लेबाजों के अनुकूल सपाट पिचों को प्राथमिकता देने से तेज गेंदबाजों को नुकसान हुआ।
मुमताज ने कहा कि पाकिस्तान में तैयार की जाने वाली पिचों में तेज गेंदबाजों के लिए पर्याप्त मदद नहीं होती। उन्होंने कहा कि बाबर आजम के कप्तान रहते बल्लेबाज सपाट पिचों को पसंद करते थे और इसका असर प्रथम श्रेणी क्रिकेट पर भी पड़ा।
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उनके मुताबिक, प्रथम श्रेणी की पिचों से घास तक हटा दी जाती थी। इससे तेज गेंदबाजों को स्विंग और सीम हासिल करने का मौका कम मिलता था। नतीजतन बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए आसान परिस्थितियां मिलती रहीं, जबकि तेज गेंदबाजों का विकास प्रभावित हुआ।
मुमताज ने शाहीन शाह अफरीदी, नसीम शाह और हारिस रऊफ का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि शाहीन चोट के बाद पहले जैसी प्रभावशीलता हासिल नहीं कर सके। नसीम शाह भी टीम की योजनाओं से बाहर हैं, जबकि हारिस रऊफ लंबे समय तक अपनी पूरी गति से गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अली रजा जैसे कुछ युवा तेज गेंदबाज उम्मीद जरूर जगाते हैं, लेकिन ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की संख्या बहुत कम है। मुमताज के अनुसार, पाकिस्तान को अपनी पारंपरिक ताकत तेज गेंदबाजी पर फिर से ध्यान देना होगा और घरेलू पिचों में गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करनी होंगी।
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