भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है, जहां 9 महिला कैडेट्स ने डायरेक्ट परमानेंट कमीशन के साथ पासिंग आउट कर इतिहास रच दिया। यह कदम भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
इस अवसर पर आयोजित पासिंग आउट परेड में महिला कैडेट्स ने कठिन सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन की लंबी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की।
यह उपलब्धि भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है, क्योंकि यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में महिला कैडेट्स को डायरेक्ट परमानेंट कमीशन के साथ आईएमए से पास आउट किया गया है। यह बदलाव सेना में लैंगिक समानता और समावेशिता की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाता है।
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अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय ‘नारी शक्ति’ को बढ़ावा देने और रक्षा सेवाओं में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने की सरकार की नीति का हिस्सा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अब भारतीय सेना में महिलाएं भी पुरुषों के समान अवसरों के साथ नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।
पासिंग आउट समारोह में कैडेट्स ने परेड, अनुशासन और सैन्य परंपराओं का प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित लोगों को गर्व और उत्साह से भर दिया। इस अवसर पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और परिवारों ने भी नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई दी।
यह उपलब्धि ‘वुमन-लेड डेवलपमेंट’ की अवधारणा को और मजबूत करती है और एक अधिक सशक्त एवं समावेशी भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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