केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने वंदे मातरम् के पूर्ण गायन का विरोध करने वालों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मुद्दे को लेकर विरोध जारी रहा तो जनता इसका करारा जवाब देगी। मांझी ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट के जरिए की।
मांझी ने अपने पोस्ट में किसी राजनीतिक दल या नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने विरोधियों के लिए ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि संसद से पारित राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर भी अब कुछ लोग देश को बांटने जैसी बातें कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे लोग समय रहते अपनी सोच नहीं बदलते हैं तो जनता उन्हें करारा जवाब देगी।
मांझी का यह बयान ऐसे समय आया है जब वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस कार्यसमिति की हालिया बैठक में पार्टी ने फैसला किया कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् पहले की तरह केवल शुरुआती दो अंतरों के साथ ही गाया जाएगा। बैठक में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत 88 वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।
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कांग्रेस के इस फैसले पर भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए हैं। मांझी भी कांग्रेस के रुख की आलोचना करने वाले नेताओं में शामिल हो गए हैं।
वंदे मातरम् को मिला कानूनी समर्थन
यह विवाद उस समय सामने आया है जब संसद ने 30 जुलाई को वंदे मातरम् से संबंधित कानून पारित किया था। आजादी के करीब आठ दशक बाद राष्ट्रीय गीत को कानूनी संरक्षण मिलने के बाद 13 अगस्त को पहली बार संसद में इसका गायन हुआ। इसके बाद 15 अगस्त को लाल किले पर भी वंदे मातरम् का गायन किया गया।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। अब विवाद इस बात को लेकर है कि सार्वजनिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में इसका पूरा संस्करण गाया जाए या केवल शुरुआती दो अंतरे।
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