राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र जांच प्रक्रिया के दौरान खारिज कर दिया गया। इसके बाद राज्य की तीसरी राज्यसभा सीट पर मुकाबला समाप्त हो गया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए।
रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति जताई थी। आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपने नामांकन पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई थी। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान यह मामला सामने आया, जिसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन रद्द कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, 11 मई 2025 को कथित घटना हुई थी। इसके बाद 20 अगस्त 2025 को ए. श्रीलता नामक शिकायतकर्ता ने हैदराबाद स्थित चौथे अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में मीनाक्षी नटराजन सहित अन्य लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए।
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17 सितंबर 2025 को अदालत ने मीनाक्षी नटराजन को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। 24 अक्टूबर 2025 को उनके वकील ने अदालत में जवाब दाखिल कर आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया और शिकायत को निरस्त करने की मांग की। हालांकि, 17 नवंबर 2025 को अदालत ने मामले को खारिज नहीं किया और सुनवाई जारी रखी।
नामांकन खारिज होने के बाद भाजपा उम्मीदवार महेश केवट निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए। भाजपा के पास मध्य प्रदेश विधानसभा में 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के प्रभावी मतों की संख्या 61 रह गई थी। इस घटनाक्रम को भाजपा की बड़ी राजनीतिक जीत और कांग्रेस के लिए गंभीर झटका माना जा रहा है।
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