मुंबई प्रेस क्लब को शुक्रवार को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि क्लब में 42 ‘ज़हरीली गैस’ उपकरण लगाए गए हैं। इसके बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई और जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया कि ये गैस उपकरण विस्फोट कर सकते हैं, इसलिए भवन को खाली करने की चेतावनी दी गई।
सूचना एजेंसी एएनआई के अनुसार धमकी भरा मेल नीरजा अजमल खान नामक व्यक्ति द्वारा भेजा गया था। मेल में कहा गया कि ये उपकरण संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के लिए लगाए गए हैं और संभावित विस्फोट शुक्रवार दोपहर 1 बजे हो सकता है। मेल में स्पष्ट किया गया कि मकसद केवल संपत्ति को नुकसान पहुँचाना था, किसी की जान लेने का इरादा नहीं था।
धमकी भरे मेल में तमिलनाडु के कोयंबटूर में मुस्लिम समुदाय का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया कि उद्धयनिधि के “चतुर परिवार” ने उन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया और सुरक्षा देने के बजाय “सज़ा” दी। इसके अलावा, डीएमके (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) सरकार का विरोध करने वाले नेताओं को UAPA कानून के तहत गिरफ्तार किए जाने का भी जिक्र किया गया।
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मेल में कहा गया कि कोयंबटूर में नक्सलियों और पाकिस्तान से जुड़े गुप्त समूहों की मदद से केवल 3-4 इमारतों को उड़ाने के साधन थे, लेकिन उनका उद्देश्य केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाना था। मुंबई प्रेस क्लब में अब अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है और सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
इस घटना ने प्रेस और मीडिया संस्थानों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है। अधिकारी धमकी भेजने वाले तक पहुँचने और पूरी तरह घटना की जांच करने में लगे हुए हैं।
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