केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए तीन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं का दायरा 19 जिलों तक फैला हुआ है और इससे रेलवे नेटवर्क में 901 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं से रेलवे की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे ट्रेनों की आवाजाही और अधिक सुगम हो जाएगी। इससे परिचालन दक्षता में सुधार होगा और यात्रियों को अधिक विश्वसनीय सेवाएं मिल सकेंगी।
इन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य रेलवे नेटवर्क पर बढ़ते दबाव को कम करना और भीड़भाड़ की समस्या को दूर करना है। इसके जरिए ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा और माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ेगी।
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कैबिनेट के अनुसार, यह निर्णय भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और देश के विभिन्न हिस्सों में संपर्क बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल यात्री सेवाओं में सुधार होगा बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर श्रमिकों और छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा।
सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई लाइन क्षमता से रेल संचालन अधिक कुशल होगा और देरी की समस्या में कमी आएगी। इससे भारतीय रेलवे की समग्र सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देश के कई हिस्सों में रेल संपर्क बेहतर होगा और परिवहन प्रणाली अधिक तेज और आधुनिक बनेगी।
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