वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और ईरान से जुड़े संघर्ष के बीच भारत में एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि घबराकर ईंधन या गैस खरीदने की कोई जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को कहा कि एलपीजी उपभोक्ताओं को बुकिंग के लगभग 2.5 दिनों के भीतर सिलेंडर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत में स्थिति नियंत्रण में है और आपूर्ति श्रृंखला स्थिर बनी हुई है। भारत प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत करता है और देश करीब 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है। वर्तमान में दो कच्चे तेल के कार्गो भारत की ओर आ रहे हैं।
सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत की कुल वार्षिक तेल खपत लगभग 189 मिलियन मीट्रिक टन है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण करीब 47 प्रतिशत आपूर्ति प्रभावित जरूर हुई है, लेकिन घरेलू स्तर पर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और वाहनों के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है।
और पढ़ें: स्पीकर पूरे सदन के हैं : ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर अमित शाह ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया
उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने अपने कच्चे तेल के आयात मार्गों को विविध बनाया हुआ है। देश के लगभग 70 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अलावा अन्य मार्गों से आता है।
सरकार के अनुसार, गैस कंपनियों ने नए स्रोतों से एलएनजी कार्गो की व्यवस्था की है और दो एलएनजी कार्गो भारत की ओर आ रहे हैं। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है ताकि ईंधन की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
और पढ़ें: जनता की राय के बाद गोवा सरकार तय करेगी पोर्ट सीमाओं पर निर्णय: मुख्यमंत्री