प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित रहने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। लेकिन ऐसा कौन-सा गुण है जिसने वर्षों से जनता का विश्वास उनके प्रति बनाए रखा है? इस सवाल का जवाब प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा ने एक विशेष साक्षात्कार में दिया।
करीब साढ़े पांच वर्षों तक प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव रहे नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की सबसे बड़ी ताकत राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और असाधारण संवाद क्षमता है। उनके अनुसार, मोदी के लिए देश हमेशा सर्वोपरि रहा है और यही भावना उनके हर निर्णय में दिखाई देती है। साथ ही वे अपनी सोच और योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सक्षम हैं, जिससे लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।
नृपेंद्र मिश्रा ने अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए बताया कि 20 मई 2014 को गुजरात भवन में नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान ही उनके पास स्वच्छता अभियान, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और तकनीक आधारित शासन की स्पष्ट रूपरेखा थी। उन्होंने उस समय सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित किया था।
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नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी अधिकारियों की क्षमता को परखने में भी माहिर हैं। वे जल्दी समझ जाते हैं कि किसी अधिकारी में लक्ष्य हासिल करने की “आंतरिक ऊर्जा” है या वह केवल औपचारिक काम करने तक सीमित है। इसी आधार पर वे जिम्मेदारियां सौंपते हैं।
नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसे महत्वपूर्ण फैसलों का जिक्र करते हुए नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री संकट की घड़ी में भी शांत और संतुलित रहते हैं। वे सभी तथ्यों को समझकर तेजी से निर्णय लेते हैं। नृपेंद्र मिश्रा ने उन्हें अनुशासित, दूरदर्शी और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला नेता बताया, जो उनकी लोकप्रियता का प्रमुख आधार है।
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