कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने आयोजकों के सामने 31 सुरक्षा शर्तें रखी हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या और उससे जुड़ी वर्मा आयोग की रिपोर्ट का भी संदर्भ दिया गया है।
कांग्रेस के शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे को पुलिस की अनुमति के साथ ये शर्तें सौंपी गईं। इससे पहले कांग्रेस ने क्षेत्रीय पार्क के सामने इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के मैदान के इस्तेमाल के लिए तय पांच शर्तें पूरी की थीं।
कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित था, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिलने के बाद तारीख 19 सितंबर कर दी गई और आईडीए मैदान चुना गया। आईडीए ने स्पष्ट किया था कि वह केवल खाली जमीन उपलब्ध कराएगा। सुरक्षा, विभागीय अनुमतियां, ध्वनि व्यवस्था और अतिरिक्त किराया आयोजकों की जिम्मेदारी होगी।
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पुलिस की शर्तों में अनुमानित भीड़ का ब्यौरा, पुरुषों और महिलाओं की अलग-अलग संख्या, वाहनों की जानकारी, पार्किंग योजना और कार्यक्रम स्थल का नक्शा शामिल है। प्रत्येक सेक्टर में अधिकतम 2,000 लोग होंगे और छह मीटर चौड़ा आपातकालीन मार्ग खुला रखना होगा। मंच के सामने 25-30 फीट का सुरक्षित क्षेत्र तथा डबल बैरिकेडिंग जरूरी होगी।
स्थल पर कम से कम छह प्रवेश और आठ निकास द्वार, 20 डोर-फ्रेम मेटल डिटेक्टर और 30-40 हैंड-हेल्ड डिटेक्टर लगाने होंगे। महिलाओं के लिए अलग जांच व्यवस्था होगी।
आयोजकों को कम से कम 1,500 स्वयंसेवक, जिनमें 500 महिलाएं हों, तैनात करने होंगे। कम से कम 40 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और रिकॉर्डिंग 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी।
चिकित्सा व्यवस्था में दो डॉक्टर, चार पैरामेडिक और चार एंबुलेंस जरूरी हैं। बिना अनुमति ड्रोन पर रोक रहेगी और लाउडस्पीकर रात 10 बजे तक बंद करना होगा। भड़काऊ सामग्री और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले वक्तव्यों पर भी रोक होगी। आपात स्थिति में पुलिस या जिला प्रशासन कार्यक्रम रोक, छोटा या स्थगित कर सकता है।
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