उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में दान पेटी से चोरी के मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले की जांच अब विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, जांच में यह संकेत मिले हैं कि लगभग 5 से 6 कर्मचारी मंदिर की दान पेटियों से पैसे चोरी करने में शामिल थे।
बताया जा रहा है कि यह गड़बड़ी मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में भी सामने आई है। हालांकि, अभी तक ट्रस्ट की ओर से पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। माना जा रहा है कि पहले आंतरिक जांच की जा रही थी, जिसके बाद मामला सार्वजनिक हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कर्मचारी दान पेटियों से बड़ी मात्रा में नकदी निकाल रहे थे। वर्तमान में मंदिर परिसर में लगभग 40 दान पेटियां हैं, जबकि मंदिर खुलने के शुरुआती समय में यह संख्या लगभग 10 थी। दान राशि की गिनती के लिए करीब 50 कर्मचारी तैनात हैं, जिनमें ट्रस्ट के निगरानी अधिकारी भी शामिल हैं। अब तक इस मामले से जुड़े पांच कर्मचारियों से लगभग 2 करोड़ रुपये नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
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एसआईटी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी संदिग्ध व्यक्तियों के बैंक खातों, निवेश और बड़े खर्चों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह कथित चोरी कब से चल रही थी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया है और उसे 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। टीम लगातार दूसरे दिन मंदिर परिसर में जांच कर रही है और 42 से अधिक कर्मचारियों से पूछताछ की गई है।
इस जांच में राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव का नाम भी सामने आया है, जिनकी भूमिका को संदिग्ध बताया जा रहा है। हालांकि, टिन्नू यादव ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनका दान गिनती से कोई संबंध नहीं था और उनकी जिम्मेदारी केवल मंदिर की साफ-सफाई और रखरखाव तक सीमित थी।
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