टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है और उनके उत्तराधिकारी की तलाश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस में 27.9 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वह टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
टाटा ट्रस्ट्स की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 12 अगस्त 2026 को उसके नामित निदेशकों को एन. चंद्रशेखरन की ओर से ईमेल मिला। इसमें उन्होंने जानकारी दी कि वह अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद टाटा संस के चेयरमैन पद पर पुनर्नियुक्ति के लिए खुद को पेश नहीं करेंगे।
चंद्रशेखरन का वर्तमान कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होने वाला है। उनके इस फैसले के बाद टाटा ट्रस्ट्स ने नए चेयरमैन की तलाश की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।
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सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने अपने बयान में कहा कि वह चंद्रशेखरन के उस फैसले का सम्मान करता है, जिसमें उन्होंने मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए अपनी उम्मीदवारी पेश नहीं करने का निर्णय लिया है।
एन. चंद्रशेखरन लंबे समय से टाटा समूह के शीर्ष नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान टाटा संस और समूह की विभिन्न कंपनियों से जुड़े कई बड़े कारोबारी फैसले लिए गए हैं। अब उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति टाटा समूह के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होगी।
टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की हिस्सेदारी को देखते हुए नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया पर कारोबारी जगत की नजर रहेगी। उत्तराधिकारी के नाम को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि ट्रस्ट्स और समूह के संबंधित पक्ष आने वाले महीनों में संभावित उम्मीदवारों पर विचार करेंगे।
चंद्रशेखरन के कार्यकाल की समाप्ति फरवरी 2027 में होगी, इसलिए नए नेतृत्व के चयन के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध है। हालांकि, उत्तराधिकारी की तलाश की औपचारिक शुरुआत से टाटा समूह में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया अब शुरू हो गई है।
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