लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विपक्ष में मतभेद सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस प्रस्ताव का समर्थन करने से इनकार कर दिया है और फिलहाल विपक्ष की इस रणनीति से खुद को अलग कर लिया है।
कांग्रेस जल्द ही लोकसभा के महासचिव को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपने वाली है। हालांकि टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस को पहले स्पीकर को अपील देने की सलाह दी है और उन्हें तीन दिन का समय देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस आज ही नोटिस देती है तो टीएमसी उस पर हस्ताक्षर नहीं करेगी, लेकिन यदि स्पीकर विपक्ष की अपील नहीं मानते हैं, तब उनकी पार्टी अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने को तैयार है।
इस बीच समाजवादी पार्टी (SP) और द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (DMK) समेत कई विपक्षी दलों ने इस कदम का समर्थन किया है। टीएमसी को छोड़कर INDIA गठबंधन के सभी विपक्षी सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। विपक्षी नेता के. सुरेश और मोहम्मद जावेद जल्द ही नोटिस जमा करने वाले हैं।
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विपक्ष का कहना है कि उन्हें बताया गया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति देने पर फैसला दोपहर 12:30 बजे तक लिया जाएगा। इसके बाद ही स्पीकर को हटाने का नोटिस देने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब विपक्ष ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। गांधी ने 2020 के भारत-चीन सीमा विवाद पर चर्चा करते हुए पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला दिया था, जिस पर स्पीकर ने रोक लगा दी।
2 फरवरी से लोकसभा में लगातार हंगामा हो रहा है और विरोध प्रदर्शन के बीच आठ विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित भी किया जा चुका है।
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