केरल में वायनाड के मुंडक्कई-चूरालमाला भूस्खलन पीड़ितों के लिए घर बनाने को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राज्य के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन ने दावा किया कि कांग्रेस ने पीड़ितों के लिए जमीन महज चार महीनों में खरीद ली, जबकि केरल सरकार को यही काम करने में एक साल लग गया।
सतीशन ने कहा कि शुरुआत में कांग्रेस का जमीन खरीदने का कोई इरादा नहीं था क्योंकि राज्य सरकार ने 100 घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन अंतिम समय में सरकार ने अपनी अनिच्छा जाहिर कर दी, जिसके बाद पार्टी को खुद जमीन खरीदनी पड़ी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने करीब 3.5 एकड़ जमीन अधिग्रहित कर ली है और पास की एक अन्य जमीन के पंजीकरण की प्रक्रिया भी जारी है। पंजीकरण पूरा होते ही शिलान्यास किया जाएगा और निर्माण कार्य शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने केरल को घर बनाने के लिए धन भी दिया है। वहीं, यूडीएफ के सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने 52 घरों का निर्माण पूरा कर लिया है, जिन्हें जल्द लाभार्थियों को सौंपा जाएगा।
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सतीशन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार को भूस्खलन पीड़ितों के लिए ₹1,642 करोड़ मिले, लेकिन न तो पीड़ितों के इलाज के लिए धन दिया गया और न ही इलाके में सड़क और पुल बनाए गए। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों के नाम पर धन इकट्ठा किया गया, लेकिन उनके लिए कोई ठोस काम नहीं हुआ।
उन्होंने राज्य सरकार को “अक्षम” बताते हुए कहा कि सरकार प्रभावित लोगों की सही सूची तक तैयार नहीं कर सकी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वाम मोर्चा कमजोर हो रहा है, जबकि यूडीएफ एकजुट है।
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