अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों तक चले संघर्ष के बाद हुए शांति समझौते के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सामान्य स्थिति लौटती दिख रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस मार्ग से तेल से भरे जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है।
ट्रंप ने कहा कि कई तेल टैंकर अब इस जलमार्ग से गुजर रहे हैं और यह पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने इसे “साउथर्न हाईवे” बताते हुए कहा कि यह मार्ग अब स्थिर और सुरक्षित स्थिति में है।
समझौता डिजिटल रूप से पहले ही साइन
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने पुष्टि की कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता डिजिटल रूप से पहले ही साइन हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों में राहत तभी मिलेगी जब ईरान समझौते की शर्तों का पालन करेगा।
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वेंस के अनुसार, यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण रखता है और अंतरराष्ट्रीय निगरानी को स्वीकार करता है, तो प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं।
भारत का LNG जहाज भी गुजरा होर्मुज से
भारत के लिए भी यह अहम खबर है। भारतीय कंपनी द्वारा चार्टर्ड LNG कैरियर “दिशा” ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है। यह जहाज 62,370 मीट्रिक टन LNG लेकर गुजरात के दहेज बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है।
खाड़ी देशों ने किया स्वागत
यूएई, सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे खाड़ी देशों ने इस समझौते का स्वागत किया है और समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य
यह मार्ग दुनिया के तेल और गैस व्यापार का प्रमुख केंद्र है। यहां किसी भी तरह की बाधा का असर वैश्विक ऊर्जा कीमतों और सप्लाई पर तुरंत पड़ता है।
अब सभी की नजरें आगे होने वाली अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता और समझौते के क्रियान्वयन पर टिकी हैं।
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